मारवाड़ी यूनिवर्सिटी बना डेमोक्रेटिक डायलॉग का मंच, राजकोट में यूथ पार्टिसिपेशन पर नेशनल मंथन

राजकोट में मारवाड़ी यूनिवर्सिटी ने यूथ एंड डेमोक्रेसी कॉन्फ्रेंस 2026 आयोजित की। 20+ देशों के युवा नेताओं ने लोकतंत्र के नवीनीकरण पर चर्चा की।

Kavita Choudhary
Kavita Choudhary Editorial Authority • 30 Mar, 2026Editor
March 2, 2026 • 12:02 AM
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मारवाड़ी यूनिवर्सिटी बना डेमोक्रेटिक डायलॉग का मंच, राजकोट में यूथ पार्टिसिपेशन पर नेशनल मंथन
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मारवाड़ी यूनिवर्सिटी बना डेमोक्रेटिक डायलॉग का मंच, राजकोट में यूथ पार्टिसिपेशन पर नेशनल मंथन
मारवाड़ी यूनिवर्सिटी बना डेमोक्रेटिक डायलॉग का मंच, राजकोट में यूथ पार्टिसिपेशन पर नेशनल मंथन

राजकोट: देश की युवा आबादी को डेमोक्रेटिक सिस्टम से जोड़ने और पॉलिसी मेकिंग को  मेनस्ट्रीम में लाने के उद्देश्य से मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय ‘यूथ एंड डेमोक्रेसी कॉन्फ्रेंस 2026’ का सफल आयोजन किया गया। “ब्रिजिंग पार्टिसिपेशन एंड पावर” थीम पर आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में देशभर से पॉलिसीमेकर्स, स्कॉलर्स, स्टूडेंट लीडर्स और पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव्स ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय ‘यूथ एंड डेमोक्रेसी कॉन्फ्रेंस की  थीम “21वीं सदी में यूथ, पावर और डेमोक्रेटिक रिन्यूअल” रहा। लोकसभा सांसद (राजकोट) परशोत्तम रूपाला ने कीनोट एड्रेस में कहा कि डेमोक्रेसी की स्ट्रेंथ यूथ एंगेजमेंट से ही बढ़ती है। उन्होंने अपने पॉलिटिकल एक्सपीरियंस साझा करते हुए युवाओं को इलेक्टोरल पॉलिटिक्स में एक्टिव रोल निभाने का मैसेज दिया।

जम्मू-कश्मीर की विधायक देवयानी देवेंद्र सिंह राणा ने फायरसाइड चैट के दौरान कहा कि यूथ को सिर्फ वोटर नहीं, बल्कि डिसीजन मेकर बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने जेनरेशनल ट्रांजिशन, पॉलिटिकल रिस्पॉन्सिबिलिटी और स्टेट पॉलिटिक्स में यूथ रिप्रेजेंटेशन पर भी विस्तार से बात की। वहीं त्रिपुरा के विधायक पॉल डांगशु ने नॉर्थ-ईस्ट रीजन में उभरते यूथ लीडरशिप मॉडल पर अपने विचार रखे।

मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के  ट्रस्टी जीत मारवाड़ी ने कहा, “आज युवा डिजिटल स्पेस, कैंपस एक्टिविज्म और ग्रासरूट प्रोटेस्ट्स में बेहद सक्रिय हैं, लेकिन औपचारिक लेजिस्लेटिव बॉडीज़ में उनकी भागीदारी अब भी सीमित है। इस दो दिवसीय आयोजन में युवा भागीदारी को बाधित करने वाली स्ट्रक्चरल बैरियर्स की पहचान की गई। साथ ही एडमिनिस्ट्रेटिव और टेक्नोलॉजिकल रिफॉर्म्स की आवश्यकता, लोकल गवर्नेंस को परिवर्तन के केंद्र के रूप में मजबूत करने और सीमाओं से परे युवा राजनीति के बढ़ते इंटरकनेक्शन पर गंभीर चर्चा हुई। हमारा उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक संवाद तक सीमित न रहकर स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स पर फोकस करना है।”

Kavita Choudhary

Kavita Choudhary Editorial Authority • 30 Mar, 2026Editor

कविता चौधरी पिछले एक वर्ष से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने बिज़नेस, एंटरटेनमेंट और लाइफ़स्टाइल जैसी विविध बीट्स पर काम किया है। सरल और प्रभावशाली लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुँचाने में वे माहिर हैं।

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