पुष्कर को नया स्वरूप: भजनलाल शर्मा ने दी विकास की दिशा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुष्कर तीर्थराज के समग्र विकास की कार्ययोजना पर बैठक की। घाटों, मंदिरों के सौंदर्यकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर जोर, साधु-महंतों ने दिए सुझाव।

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Correspondents Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Chief Editor
Mar 31, 2026 • 2:20 AM
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12 days ago
पुष्कर को नया स्वरूप: भजनलाल शर्मा ने दी विकास की दिशा
 विकास की दिशा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुष्कर तीर्थराज के समग्र विकास की कार्ययोजना पर बैठक की। घाटों, मंदिरों के सौंदर्यकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर जोर, साधु-महंतों ने दिए सुझाव।
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पुष्कर को नया स्वरूप: भजनलाल शर्मा ने दी विकास की दिशा
पुष्कर को नया स्वरूप: भजनलाल शर्मा ने दी विकास की दिशा

जयपुर। तीर्थराज पुष्कर को अपनी प्राचीन दिव्यता और भव्यता के साथ नया आधुनिक स्वरूप मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पुष्कर के समग्र विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की और स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुष्कर का पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व अनुपम है। राज्य सरकार इसकी विरासत को संरक्षित रखते हुए इसे विश्वस्तरीय तीर्थाटन केंद्र बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने जोर देकर कहा, “पुष्कर की भव्यता और दिव्यता को और निखारते हुए हम इसे नया स्वरूप प्रदान करेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियां हमारी समृद्ध संस्कृति से और गहराई से जुड़ सकें तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिले।”

बैठक के दौरान ब्रह्मा मंदिर सहित सभी प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यकरण, पुष्कर सरोवर के घाटों पर बेहतर सुविधाओं का विकास, परिक्रमा मार्गों की सुधारी, भव्य एंट्री प्लाजा का निर्माण और सड़कों के विकास जैसे मुद्दों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री शर्मा ने इन सभी प्रस्तावों पर गहन चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

शर्मा ने आमजन, स्थानीय नागरिकों, साधु-महंतों के सुझावों को विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि जन-सहयोग से ही विकास कार्य अधिक प्रभावी और जन-उन्मुखी बन पाते हैं। बैठक में पुष्कर से पहुंचे साधु और महंतों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए पुष्कर के विकास को लेकर अपने मूल्यवान सुझाव भी दिए। मुख्यमंत्री ने साधु-महंतों का पारंपरिक दुपट्टा ओढ़ाकर उनका अभिनंदन भी किया, जो सांस्कृतिक सम्मान और जन-प्रतिनिधियों के बीच गहरे संबंध का प्रतीक रहा।

इस मौके पर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुष्कर तीर्थ से आए साधु-महंत और स्थानीय नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

पुष्कर राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग है। ब्रह्मा जी का एकमात्र प्रमुख मंदिर यहीं स्थित है और हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। राज्य सरकार की यह पहल न केवल तीर्थाटन को बढ़ावा देगी बल्कि स्थानीय कारीगरों, होटल व्यवसायियों और छोटे व्यापारियों को भी नई संभावनाएं प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की यह बैठक पुष्कर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाते हुए उसकी प्राचीन गरिमा को बनाए रखने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। विकास कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी और सुझावों को प्राथमिकता देने का फैसला सराहनीय है, जो सुनिश्चित करेगा कि विकास प्रक्रिया जन-केंद्रित और संतुलित रहे।

पुष्कर के विकास से जुड़ी यह कार्ययोजना पूरी होने पर न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए एक आदर्श तीर्थाटन मॉडल साबित हो सकती है, जहां पौराणिक विरासत और आधुनिक सुविधाएं साथ-साथ नजर आएंगी।

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