रामदेवरा में सर्व समाज का अनूठा एकता संगम: मारवाड़ महासम्मेलन में जल कलश से लिया जातिवाद के खात्मे का संकल्प

रामदेवरा में आयोजित मारवाड़ महासम्मेलन में सर्व समाज ने एक मंच पर आकर जल कलश के माध्यम से जातिवाद मिटाने और सामाजिक एकता स्थापित करने का संकल्प लिया।

Kavita Choudhary
Kavita Choudhary Editorial Authority • 30 Mar, 2026Editor
April 6, 2026 • 8:36 PM
र
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
रामदेवरा में सर्व समाज का अनूठा एकता संगम: मारवाड़ महासम्मेलन में जल कलश से लिया जातिवाद के खात्मे का संकल्प
“रामदेवरा में सर्व समाज का अनूठा एकता संगम: मारवाड़ महासम्मेलन में जल कलश से लिया जातिवाद के खात्मे का संकल्प”
Favicon
Read more onhindi.patrikaplus.com
6 Apr 2026
https://hindi.patrikaplus.com/india/rajasthan/ramdevra-marwar-mahasammelan-sarv-samaj-unity-pledge-casteism-eradication
Copied
रामदेवरा में सर्व समाज का अनूठा एकता संगम: मारवाड़ महासम्मेलन में जल कलश से लिया जातिवाद के खात्मे का संकल्प
रामदेवरा में सर्व समाज का अनूठा एकता संगम: मारवाड़ महासम्मेलन में जल कलश से लिया जातिवाद के खात्मे का संकल्प

मुख्य बातें

  • रामदेवरा में मारवाड़ महासम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन।
  • सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने एक साथ मिलकर जातिवाद खत्म करने का संकल्प लिया।
  • जल कलश के माध्यम से सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश दिया गया।

रामदेवरा, राजस्थान। बाबा रामदेव जी की पावन धरा रामदेवरा एक अभूतपूर्व सामाजिक घटना का साक्षी बनी है। यहाँ आयोजित 'मारवाड़ महासम्मेलन' ने सर्व समाज को एक सूत्र में पिरोते हुए जातिवाद के खात्मे और सामाजिक समरसता की स्थापना का बुलंद आह्वान किया। यह संगम सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश था जो सदियों पुरानी रूढ़ियों को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सामाजिक एकता का नया अध्याय

मारवाड़ महासम्मेलन में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से आए सर्व समाज के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव को समाप्त कर सभी को एक समान मंच पर लाना और आपसी भाईचारे को मजबूत करना था। सभा स्थल पर जुटी विशाल भीड़ ने इस संकल्प के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया।

आयोजकों ने बताया कि यह महासम्मेलन जाति, धर्म या वर्ग से ऊपर उठकर मानवता और एकता के सिद्धांतों पर आधारित था। यहां हर व्यक्ति ने खुद को भारतीय समाज का अभिन्न अंग मानते हुए एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना व्यक्त की। यह दिखाता है कि समाज में सकारात्मक बदलाव की कितनी तीव्र इच्छा है।

Kavita Choudhary

Kavita Choudhary Editorial Authority • 30 Mar, 2026Editor

कविता चौधरी पिछले एक वर्ष से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने बिज़नेस, एंटरटेनमेंट और लाइफ़स्टाइल जैसी विविध बीट्स पर काम किया है। सरल और प्रभावशाली लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुँचाने में वे माहिर हैं।

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter