संसद में 'आज़ाद भारत' की विशेष स्क्रीनिंग, नेताजी और INA दिग्गजों का सम्मान
संसद में आयोजित 'आज़ाद भारत' की विशेष स्क्रीनिंग में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और INA के वीर दिग्गजों को श्रद्धांजलि दी गई, उनकी शौर्य गाथा को याद किया गया।



Key Highlights
- संसद भवन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फ़ौज (INA) के बहादुर दिग्गजों को समर्पित फ़िल्म 'आज़ाद भारत' की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित हुई।
- इस आयोजन में INA के कई वयोवृद्ध सदस्य और वरिष्ठ सांसद उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक यात्रा को याद किया।
- यह स्क्रीनिंग देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर था।
देश की सर्वोच्च विधायी संस्था, संसद भवन में हाल ही में एक मार्मिक और ऐतिहासिक आयोजन हुआ। नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी ‘आज़ाद हिंद फ़ौज’ (INA) के अविस्मरणीय योगदान को श्रद्धांजलि देने के लिए 'आज़ाद भारत' नामक एक विशेष फ़िल्म की स्क्रीनिंग की गई। इस कार्यक्रम में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन अनमोल रत्नों – INA के कई वयोवृद्ध सदस्यों – की उपस्थिति ने माहौल को गरिमामय बना दिया।
यह स्क्रीनिंग न केवल नेताजी के दूरदर्शी नेतृत्व को याद करने का एक माध्यम थी, बल्कि उन वीर सपूतों के बलिदान को भी रेखांकित करती थी जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। संसद सदस्यों ने भी इस विशेष अवसर पर उपस्थित होकर स्वतंत्रता के इन पहरुओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
शौर्य और बलिदान की गाथा
'आज़ाद भारत' फ़िल्म नेताजी सुभाष चंद्र बोस के उस साहसिक स्वप्न और उसे साकार करने के लिए ‘आज़ाद हिंद फ़ौज’ द्वारा किए गए अदम्य संघर्ष की कहानी बयां करती है। फ़िल्म ने दर्शकों को उस दौर में वापस पहुंचाया जब देश आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहा था और नेताजी ने 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा' का आह्वान किया था।



































