संसद में 'आज़ाद भारत' की विशेष स्क्रीनिंग, नेताजी और INA दिग्गजों का सम्मान

संसद में आयोजित 'आज़ाद भारत' की विशेष स्क्रीनिंग में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और INA के वीर दिग्गजों को श्रद्धांजलि दी गई, उनकी शौर्य गाथा को याद किया गया।

Kavita Choudhary
Kavita Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Editor
Apr 4, 2026 • 8:20 PM
P
Patrika Plus Hindi
BREAKING
Kavita Choudhary
Kavita Choudhary
7 days ago
संसद में 'आज़ाद भारत' की विशेष स्क्रीनिंग, नेताजी और INA दिग्गजों का सम्मान
ग, नेताजी और INA दिग्गजों का सम्मान
संसद में आयोजित 'आज़ाद भारत' की विशेष स्क्रीनिंग में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और INA के वीर दिग्गजों को श्रद्धांजलि दी गई, उनकी शौर्य गाथा को याद किया गया।
Full Story: https://hindi.patrikaplus.com/s/76687c
https://hindi.patrikaplus.com/s/76687c
Copied
संसद में 'आज़ाद भारत' की विशेष स्क्रीनिंग, नेताजी और INA दिग्गजों का सम्मान
संसद में 'आज़ाद भारत' की विशेष स्क्रीनिंग, नेताजी और INA दिग्गजों का सम्मान

Key Highlights

  • संसद भवन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फ़ौज (INA) के बहादुर दिग्गजों को समर्पित फ़िल्म 'आज़ाद भारत' की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित हुई।
  • इस आयोजन में INA के कई वयोवृद्ध सदस्य और वरिष्ठ सांसद उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक यात्रा को याद किया।
  • यह स्क्रीनिंग देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर था।

देश की सर्वोच्च विधायी संस्था, संसद भवन में हाल ही में एक मार्मिक और ऐतिहासिक आयोजन हुआ। नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी ‘आज़ाद हिंद फ़ौज’ (INA) के अविस्मरणीय योगदान को श्रद्धांजलि देने के लिए 'आज़ाद भारत' नामक एक विशेष फ़िल्म की स्क्रीनिंग की गई। इस कार्यक्रम में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन अनमोल रत्नों – INA के कई वयोवृद्ध सदस्यों – की उपस्थिति ने माहौल को गरिमामय बना दिया।

यह स्क्रीनिंग न केवल नेताजी के दूरदर्शी नेतृत्व को याद करने का एक माध्यम थी, बल्कि उन वीर सपूतों के बलिदान को भी रेखांकित करती थी जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। संसद सदस्यों ने भी इस विशेष अवसर पर उपस्थित होकर स्वतंत्रता के इन पहरुओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

शौर्य और बलिदान की गाथा

'आज़ाद भारत' फ़िल्म नेताजी सुभाष चंद्र बोस के उस साहसिक स्वप्न और उसे साकार करने के लिए ‘आज़ाद हिंद फ़ौज’ द्वारा किए गए अदम्य संघर्ष की कहानी बयां करती है। फ़िल्म ने दर्शकों को उस दौर में वापस पहुंचाया जब देश आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहा था और नेताजी ने 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा' का आह्वान किया था।

इस स्क्रीनिंग के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के बारे में जानने और समझने का अवसर मिला। यह उन अनसुनी कहानियों को सामने लाती है जो अक्सर इतिहास के पन्नों में दब जाती हैं, लेकिन जिनका महत्व कभी कम नहीं होता।

INA दिग्गजों का सम्मान

कार्यक्रम का एक सबसे भावुक क्षण वह था जब INA के वयोवृद्ध सदस्यों को सम्मानित किया गया। उनकी आंखों में आज भी उस दौर की चमक और देश के प्रति समर्पण का भाव स्पष्ट दिख रहा था। उनकी उपस्थिति ने फ़िल्म में दर्शाई गई घटनाओं को और भी जीवंत बना दिया, जो कि सिर्फ़ इतिहास नहीं, बल्कि उनकी अपनी जीवनगाथा का हिस्सा था।

? Did You Know? नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में सिंगापुर में आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना की थी और इसका उद्देश्य भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराना था। इस सरकार को जापान, जर्मनी, इटली समेत 9 देशों से मान्यता मिली थी।

सांसदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने INA के इन सेनानियों के साथ बातचीत की, उनके अनुभवों को सुना और उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। ऐसे आयोजन हमारी युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और उन वीर पुरुषों व महिलाओं के बारे में जागरूक करते हैं जिन्होंने वर्तमान भारत की नींव रखी।

प्रेरणादायक विरासत

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका 'दिल्ली चलो' का नारा और 'जय हिंद' का अभिवादन आज भी हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। 'आज़ाद भारत' जैसी फ़िल्में यह सुनिश्चित करती हैं कि उनकी गाथाएँ समय की रेत में कहीं खो न जाएँ। यह फ़िल्मों के माध्यम से इतिहास को जीवंत करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जैसे कि कुछ समय पहले 'केसरी चैप्टर 2' का ट्रेलर भी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित एक अन्य कहानी को सामने लाया था।

यह स्क्रीनिंग इस बात की भी याद दिलाती है कि हम किस तरह अपने इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों को याद रखते हैं और अपने नायकों को सम्मान देते हैं। ऐसे आयोजन राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को संजोए रखने और भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करने में सहायक होते हैं। 

Kavita Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Editor

कविता चौधरी पिछले एक वर्ष से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने बिज़नेस, एंटरटेनमेंट और लाइफ़स्टाइल जैसी विविध बीट्स पर काम किया है। सरल और प्रभावशाली लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुँचाने में वे माहिर हैं।

Digital Archives

amp_stories Web Stories
login Login
local_fire_department Trending menu Menu