भारतकोमिलापहलासहकारीविश्वविद्यालय
केंद्रीयगृहऔरसहकारितामंत्रीश्रीअमितशाहनेइसअवसरपरकहाकि 75 वर्षोंमेंपहलीबारभारतकोएकसमर्पितसहकारीविश्वविद्यालयप्राप्तहुआहै।यहसंस्थाननवाचारऔरशोधकेमाध्यमसेसहकारीआंदोलनकोमजबूतकरेगातथानएनेतृत्वकोप्रशिक्षितकरनेमेंअहमभूमिकानिभाएगा।
IFFCO केशीर्षनेतृत्वकीप्रतिक्रिया
IFFCO केप्रबंधनिदेशकडॉ. उदयशंकरअवस्थीनेइसेभारतीयकृषि, किसानोंऔरग्रामीणविकासकेलिएएकमीलकापत्थरबताया।उन्होंनेप्रधानमंत्रीश्रीनरेंद्रमोदीऔरसहकारितामंत्रीश्रीअमितशाहकाआभारव्यक्तकरतेहुएकहाकियहकदमसहकारीक्षेत्रकोनईऊंचाइयोंतकलेजाएगा।
IFFCO केअध्यक्षश्रीदिलीपसंघानीनेभीइसपहलकास्वागतकरतेहुएकहा, "यहविश्वविद्यालयसहकारीनेतृत्वकोनईदिशादेगा।इससेसहकारीसंगठनोंसेजुड़ेलोगआधुनिकप्रबंधनऔरविपणनमेंदक्षबनेंगे।"
त्रिभुवनसहकारीविश्वविद्यालयकीप्रमुखविशेषताएँ
- हरसाल 8 लाखछात्रोंकोप्रशिक्षण
- सहकारीसंगठनोंकेकर्मचारियोंकेलिएविशेषकोर्स
- स्थानीयसेवैश्विकस्तरतकसहकारीक्षेत्रकोबढ़ावा
- नवाचारऔरअनुसंधानकोप्राथमिकता
अंतरराष्ट्रीयस्तरपरसराहना
अंतरराष्ट्रीयसहकारीसंघ (ICA) केमहानिदेशकश्रीजेरोनडगलसनेइसपहलकीसराहनाकरतेहुएकहाकियहविश्वविद्यालयवैश्विकसहकारीआंदोलनकोनईमजबूतीप्रदानकरेगा।
IFFCO कासमर्थनऔरभविष्यकीउम्मीदें
IFFCO, जोदुनियाकीअग्रणीसहकारीसंस्थाहै, इसकदमकापूर्णसमर्थनकरताहैऔरआशाकरताहैकियहविश्वविद्यालयसहकारीक्षेत्रकेलिएनएअवसरोंकेद्वारखोलेगा।