महिला सुरक्षा पर राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला: 'संसद में गुमराह, पीड़ितों को मिलते हैं बंद दरवाज़े'
महिला सुरक्षा पर राहुल गांधी ने केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए। संसद में गुमराह करने और पीड़ितों को अपर्याप्त सहायता मिलने का दावा किया।



Key Highlights
- राहुल गांधी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।
- उन्होंने संसद में महिला सुरक्षा से जुड़े सवालों पर 'गुमराह' करने का आरोप लगाया।
- दावा किया कि पीड़ित महिलाओं को मदद के बजाय बंद दरवाज़े और अधूरी व्यवस्थाएं मिलती हैं।
महिला सुरक्षा पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा वार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महिला सुरक्षा के संवेदनशील मुद्दे पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि संसद में महिला सुरक्षा से संबंधित हर सवाल का जवाब सरकार द्वारा 'गुमराह' करने वाला होता है। गांधी ने यह भी दावा किया कि यौन उत्पीड़न या किसी अन्य प्रकार की हिंसा की शिकार महिलाओं को अक्सर सहायता और समर्थन के बजाय 'बंद दरवाज़े और अधूरी व्यवस्थाओं' का सामना करना पड़ता है।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में महिला सुरक्षा को लेकर लगातार चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। उन्होंने सरकार की नीतियों और जमीनी स्तर पर उनके कार्यान्वयन पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सरकार इस महत्वपूर्ण विषय पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है, जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।
संसद में 'गुमराह' करने के आरोप और अधूरी व्यवस्थाएं
गांधी ने विशेष रूप से संसद के भीतर हुई चर्चाओं का जिक्र किया। उनके अनुसार, जब भी संसद में महिला सुरक्षा के संबंध में प्रश्न पूछे जाते हैं, तो सरकार ठोस जवाब देने के बजाय आंकड़ों की बाजीगरी और अस्पष्ट बयानों से बचने की कोशिश करती है। यह आरोप एक बड़े नीतिगत मुद्दे की ओर इशारा करता है, जहां विपक्ष का मानना है कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही से बच रही है।






































