बिहू अटैक शुक्रवार को रिलीज: असम की देशभक्ति कहानी
असम के बिहू उत्सव की पृष्ठभूमि में बनी फिल्म 'बिहू अटैक' शुक्रवार को रिलीज हो रही है। देव मेनारिया, डेजी शाह और अरबाज खान स्टारर यह थ्रिलर शिक्षा और एकता पर जोर देती है।
मुंबई/गुवाहाटी: असम की जीवंत सांस्कृतिक धरोहर और देशभक्ति की गहरी भावना को बड़े पर्दे पर उतारने वाली फिल्म 'बिहू अटैक' इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। प्रोड्यूसर प्रबीर कांता साहा द्वारा पीकेएस फिल्म प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी यह फिल्म न केवल एक रोमांचक थ्रिलर है, बल्कि उत्तर-पूर्व भारत की जमीनी हकीकत, राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान जैसे संवेदनशील मुद्दों को बेहद संतुलित और प्रभावशाली अंदाज में पेश करती है।
फिल्म की कहानी असम के सबसे बड़े और रंगारंग त्योहार बिहू के इर्द-गिर्द बुनी गई है। यह कहानी राज कुंवर नाम के एक साहसी और कर्तव्यपरायण कोर्ट मार्शल अधिकारी की है, जो असम का निवासी है। राज का दृढ़ विश्वास है कि बंदूक और हिंसा से ज्यादा ताकतवर हथियार शिक्षा, सामाजिक जुड़ाव और मानवीय संवाद हैं। इसी सोच के साथ वह क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न उग्रवादी संगठनों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश करता है और स्थानीय समुदायों के बीच विश्वास की मजबूत नींव रखता है।
पत्नी के निधन के बाद अपनी छोटी बेटी दृति के साथ जीवन बिताने वाले राज की जिंदगी तब उलट-पुलट हो जाती है, जब खुफिया एजेंसियों को बिहू उत्सव के दौरान एक बड़े आतंकी हमले की सूचना मिलती है। यह हमला देश के रक्षा मंत्री की असम यात्रा से जुड़ा होता है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और खतरे की स्थिति पैदा हो जाती है। फिल्म इसी पृष्ठभूमि में देश प्रेम, पारिवारिक भावनाओं और रोमांचक घटनाक्रमों का अनूठा संगम पेश करती है।
फिल्म में मुख्य भूमिका में देव मेनारिया हैं, जबकि डेजी शाह और अरबाज खान भी अहम किरदार निभा रहे हैं। इनके अलावा रजा मुराद, युक्ति कपूर, एमी मिसोबह (एमी नाज़मा सुल्ताना), हितेन तेजवानी, मीर सरवर, डिम्पू बरुआ, कालिंद्री दास, क्रॉसवेल तिमुंग, जीत रायदुत और अमित लेखवानी जैसे अनुभवी कलाकार दर्शकों को आकर्षित करने वाले हैं।
निर्देशक सुज़ाद इक़बाल खान ने इस कहानी को संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर उतारा है। प्रोड्यूसर प्रबीर कांता साहा ने फिल्म के प्रति अपने जुड़ाव को व्यक्त करते हुए कहा, “बिहू अटैक मेरे दिल के बहुत करीब है। यह महज एक फिल्म नहीं, बल्कि असम की सच्चाई, उसकी समृद्ध संस्कृति और देश के प्रति लोगों के अटूट प्रेम का प्रतिबिंब है। हम इस कहानी के माध्यम से यह दिखाना चाहते हैं कि शिक्षा, एकता और इंसानियत डर और हिंसा से कहीं अधिक शक्तिशाली हैं। यह फिल्म असम की आत्मा और हमारे वीर सुरक्षाबलों को समर्पित है।”
'बिहू अटैक' उत्तर-पूर्व भारत में मौजूद चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश देती है—उग्रवाद का मुकाबला केवल बल प्रयोग से नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक समावेशन और सामुदायिक एकजुटता से किया जा सकता है। यह फिल्म क्षेत्रीय सिनेमा को राष्ट्रीय मंच पर लाने का एक मजबूत प्रयास है, जो असम की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान देते हुए देशभक्ति की भावना को मजबूत करती है।
शुक्रवार को रिलीज होने वाली इस फिल्म से दर्शकों को न केवल मनोरंजन मिलने वाला है, बल्कि असम की जमीनी हकीकत और देश के प्रति गहरे लगाव को समझने का एक नया नजरिया भी। बिहू की धुनों और देशभक्ति के सुरों से सजी यह कहानी सिनेमाघरों में एक यादगार अनुभव देने का वादा करती है।